प्राचार्य सन्देश

केन्द्रीय विद्यालय आर.आर.सी. फतेहगढ़ की नींव 1966 में रखी गई और यह केन्द्रीय विद्यालय संगठन के सबसे पुराने विद्यालयों में से एक है | यह विद्यालय  केन्द्रीय विद्यालय संगठन के सभी उद्देश्यों एवं लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कटिबद्ध रूप से प्रयासरत  है | विद्यालय के पास 9 एकड़ की भूमि है जो कि चारों तरफ से हरियाली से सुसज्जित है एवं लगभग 2000 विद्यार्थियों को शिक्षा देने के लिए जो गुरुजन हैं उनके पास पर्याप्त अच्छे संसाधन हैं जो विद्यार्थियों को उत्तम शिक्षा देने में समर्थ हैं |

शिक्षा एक ऐसी वस्तु है जो व्यक्ति के साथ आजीवन रहती है यह विद्यालय सहगामी गतिविधियों, खेलकूद, भ्रमण और भाषाई विकास के सहयोग से छात्रों के व्यापक विकास को लक्षित करता है। यह तेजी से बदलते मूल्यों का युग है और बच्चे इसका जल्दी शिकार हो जाते हैं और वे गलत दिशा में जा सकते हैं उनको सही मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है उनको सही मार्ग दिखाने में, उनको अच्छा नागरिक बनाने में, उनके सर्वांगीण विकास में शिक्षकों को छात्रों हेतु एक आदर्श प्रस्तुत करना अति आवश्यक हो गया है |

 

मै अपने सभी विद्यार्थियों को बताना चाहता हूँ कि सफलता प्राप्त करने का कोई शार्ट कट नहीं है उसके लिए कड़े परिश्रम के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं |

 

"हर कोई जीतने की इच्छा करता है लेकिन जीतने के लिए आवश्यक तैयारी  बहुत कम लोग करते है" |